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मेमोरी क्या है? Memory kya hai in hindi??

मेमोरी क्या है? Memory kya hai in hindi??

हेल्लो आज के इस पोस्ट में हम जानेंगे मेमोरी (memory) क्या है और मेमोरी कितने प्रकार के होते हैं और मेमोरी हमारे किस काम में आता है?

अगर आप भी जगह-जगह पर मेमोरी के बारे में सुनते होंगे जैसे कंप्यूटर मेमोरी (computer memory) आपके फोन की मेमोरी या फिर कोई डाटा स्टोर करने के लिए मेमोरी जैसे कि मार्केट में पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड, हार्ड ड्राइव वगैरह मिलते हैं और मोबाइल फोन और कंप्यूटर वगैरह में भी मेमोरी होते हैं उनके बारे मे तो आप सुने ही होंगे तो आज के हमारे इस पोस्ट में हम यही जानेंगे कि आखिरकार यह मेमोरी होता क्या है?

मेमोरी के क्या काम होते हैं इसके बारे में पूरी जानकारी आपको हमारे इस पोस्ट से मिल जाएगी और आज का हमारा यह पोस्ट आप लोगों के बहुत काम में आने वाला है क्योंकि इसमें आपको एक बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी तो हमारे इस पोस्ट के साथ बने रहे और पूरी जानकारी जाने कि आखिरकार यह मेमोरी क्या है यह क्यों हमारे मोबाइल फोन कंप्यूटर वगैरह में होते हैं और उनके क्या काम होते हैं तो चलिए आगे बढ़ते हैं अपने इस पोस्ट में और जानते हैं पूरी जानकारी।

अक्सर आप देखते होंगे आपके फोन में जो मेमोरी है और कंप्यूटर में जो मेमोरी है उसमें आप जनरल डाटा सेव करते होंगे जैसे कि आप उसमें अपना कोई भी फोटो हो इमेज हो या फिर कोई भी आपका डॉक्यूमेंट वगैरह हो आप अपनी मेमोरी में ही उसे डालकर सेव रखते होंगे।

एक तरह से कहा जाए तो आप मेमोरी में अपनी डाटा वगैरह को रख सकते हैं जैसे कि अगर आप इंसान हैं तो आपको भी कुछ याद रखने के लिए मस्तिष्क की जरूरत है दिमाग की जरूरत है जहां पर आप की सारी यादें स्टोर होती है वैसे ही जो डाटा फोटोस वीडियोस ऐसे फाइल हैं उनको स्टोर करने के लिए एक मेमोरी की जरूरत पड़ती है यह कहा जाए कि एक मस्तिष्क की जरूरत पड़ती है जहां इन डाटा वगैरह को सेव करके रखा जाए।

पर जो मोबाइल की मेमोरी होती है और कंप्यूटर मेमोरी होती है उनके बहुत से अलग-अलग प्रकार होते हैं तो आज का हमारे इस पोस्ट में हम इन्हीं सब की पूरी जानकारी जानेंगे।

तो यह तो आप जानते ही होंगे की  मेमोरी जो है वह डाटा को स्टोर करने का काम करती है और जब भी उन डाटा की जरूरत पड़ती है तो वह जरूरत के वक्त डाटा और इंफॉर्मेशन को पहुंचाने का काम करती है और जो मेमोरी होती है वह बहुत छोटे-छोटे भागों में बटी रहती है और इन छोटे-छोटे भागों को सेल कहा जाता है और मेमोरी में जो उपलब्ध सभी सेल होते हैं उनकी भी अलग अलग पहचान होती है जिसको हम सेल ऐड्रेस या सेल पाथ कहते हैं और जो यह सेल ऐड्रेस होते हैं इन्हीं में डाटा संग्रहित  किया जाता है और जो यह डाटा वगैरह रहता है इसे बायनरी डिजिट्स जैसे कि 0,1 में स्टोर होता है।

और जो मेमोरी होता है वह किसी भी कंप्यूटर या मोबाइल फोन या किसी भी डिवाइस का एसएनसीएल हिस्सा होता है क्योंकि जो डिवाइस जो की मेमोरी का यूज कर रहा है वह इसके बिना एक छोटा सा भी काम नहीं कर सकता है मेमोरी का होना बहुत ही जरूरी है तभी आपके फोन में आपके कंप्यूटर में कोई भी प्रोसेसिंग हो पाएगा और जो मेमोरी होते हैं वह बेसिकली दो टाइप के होते हैं।

एक में आता है प्राइमरी मेमोरी(Primery memory) इसे वोल्टाइल मेमोरी (volatile memory)

दुसरे में सेकेंडरी मेमोरी(Secondry memory) और इसे नॉन वोलेटाइल (non-volatile) मेमोरी भी कहा जाता है।

और जो कंप्यूटर मेमोरी होते हैं वह तीन प्रकार के होते हैं।

  1. Cache memory
  2. Primary memory
  3. Secondary memory

पहला जो उसका प्रकार है उसे कैचे मेमोरी (cache memory) कहा जाता है दूसरे को प्राइमरी मेमोरी (primary memory) और मेन मेमोरी भी कहा जाता है और थर्ड में जो है उसे सेकेंडरी मेमोरी (secondary memory) कहा जाता है।

तो आई जानते हैं कि कैचे मेमोरी किसे कहा जाता हैै?

कैचे मेमोरी आपकी डिवाइस की सबसे तेज मेमोरी होती है और यह आपके कंप्यूटर के जो सीपीयू होते है उनको वह स्पीड करती है और यह सीपीयू और मैन मेमोरी उनके बीच एक तरह का बफर की तरह काम करती है और जो इसका यूज है उसके डांटा और जो प्रोग्राम होते हैं उनके बीच होल्ड करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है जिनको सीपीयू के द्वारा जो एक साधारण वे में डाटा भेजा जाता है जो डाटा और उसके प्रोग्राम वगैरह  होते हैं वह उनको पहले ट्रांसफर किया जाता है डिस्क से कैची मेमोरी तक  ऑपरेटिंग सिस्टम के द्वारा जहां पर उन्हें जो सीपीयू होते हैं आसानी से एक्सेस कर पाते हैं उन्हें कैचे मेमोरी कहते हैं।

आइए अब जानते हैं प्राइमरी मेमोरी यानी की मेन मेमोरी के बारे में?

जो प्राइमरी मेमोरी होते हैं वह सिर्फ डाटा और जो भी इंस्ट्रक्शन वगैरह होते हैं उन्हें होल्ड करते हैं जैसे कंप्यूटर अगर काम करते रहता है तो इसमें बहुत कम कैपेसिटी होता है कि जिसके कारण जो डाटा है वह रद्द हो जाता है खत्म हो जाता है मतलब अपने आप हट जाता है जब आप अगर पावर स्विच ऑफ कर दिए बंद कर दिए तो आपका जो डाटा होता है वह तुरंत हट जाता है और यह जो होता है उन सेमीकंडक्टर जो होते हैं डिवाइजर्स उन से बना होता है और यह जो मेमोरीज होते हैं वह रजिस्टर के जैसे फास्ट नहीं होते हैं जहां डाटा और कुछ उनके इंस्ट्रक्शंस वगैरह को प्रोसेस करने की जरूरत होती है वह इसी मेन मेमोरी से ही करते हैं और इन्हें रैम और रोम में डिवाइड भी किया गया है तो इसे प्राइमरी मेमोरी या फ़िर मैन मेमोरी भी कहते हैं।

अब आइए जानते हैं सेकेंडरी मेमोरी के बारे में?

जो सेकेंडरी मेमोरी होते हैं यह जो डिवाइजेस होते हैं जैसे कंप्यूटर होते हैं कंप्यूटर का कहा जाए तो यह तीसरी आंख होते हैं इस प्रकार की मेमोरी को एक्सटर्नल मेमोरी या नॉन वोलाटाईल मेमोरी भी कहा जाता है जो मैन मेमोरी होते हैं उनसे इसका कंपयर किया जाए तो उनके मुकाबले काफी शलो होते हैं और जो इसका यूज़ होता है वह डाटा को हमेशा के लिए स्टोर करके रखने के लिए किया जाता है सीपीयू होते हैं कंप्यूटर के वह इन मेमोरी को डायरेक्ट यूज़ नहीं करते हैं इसके लिए उन्हें इनपुट आउटपुट और जो रूटीन वगैरह होते हैं उनका इस्तेमाल करना पड़ता है और जो सेकेंडरी मेमोरी होते हैं उनका जो भी डाटा होता है उन्हें पहले ट्रांसफर किया जाता है मेन मेमोरी में उसके बाद ही जो सीपीयू में यह चल पाते हैं एक्सेस कर पाते है इसे सेकंडरी मेमोरी कहते है। इसके बहुत से उदाहरण हो सकते हैं जैसे पेन ड्राइव, हार्ड ड्राइव, सीडी इत्यादि।

तो उम्मीद करूंगा मेमोरी क्या होता है इसके बारे में आज आपको पूरी जानकारी मिली गई होगी आपको समझ में आ गया होगा कि मेमोरी किसे कहते हैं और मेमोरी कितने प्रकार के होते हैं और सभी मेमोरी के क्या-क्या काम होते हैं और यह किस यूज़ में हमारे आते हैं आशा करूंगा आज का हमारा यह पोस्ट आपको पसंद आया होगा पसंद आया हो या फिर कोई भी क्वेश्चन हो तो आप हमें कमेंट में पूछ सकते हैं या फिर बता सकते हैं हम मिलते हैं अपने इसी तरह किसी और पोस्ट में आप तब तक हमारे साथ ऐसे ही जुड़े रहे धन्यवाद

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Pankaj mishra: