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दीपवाली का त्यौहार क्यो मनाया जाता है?

दोस्तों स्वागत है आपका हमारे एक और नए पोस्ट में और दोस्तों आज की इस पोस्ट में हम जानेंगे कि दीपवाली का त्यौहार क्यों मनाया जाता है? 

                                                                                      दीपवाली का त्यौहार क्यो मनाया जाता है?

दोस्तों हमारे भारत देश में ऐसे तो बहुत सारे त्यौहार मनाए जाते हैं जिसमें DIWALI का त्यौहार भी मनाया जाता है जो कि बहुत ही धूमधाम से दीप जलाकर अपने घरों में लाइट लगाकर घरों को सजा कर  बहुत ही उत्सुकता से त्यौहार को मनाया जाता है

इस त्यौहार को लेकर बच्चों में बहुत ही उत्सुकता  दिखती है बच्चे दिवाली के त्योहार से बहुत ही खुश होते हैं क्योंकि दोस्तों बच्चों को त्योहार के अवसर पर नए कपड़े मिठाईयां एवं पटाखे फोड़ने को मिलते हैं और बच्चे इस त्यौहार का बेसब्री से इंतजार करते हैं और इस त्यौहार का आनंद लेते हैं

तो दोस्तों आइए जानते हैं दीवाली त्योहार की क्या कथाएं हैं किस वजह से यह त्यौहार मनाया जाता है

दोस्तों दिवाली का त्यौहार किस लिए मनाया जाता है उसे क्यो मनाया जाता है उससे पहले यह कुछ और जानकारी भी आप जरूर जान ले

कार्तिक मास की अमावस्या को दीवाली का त्योहार मनाया जाता है  पूरे देश में दिवाली का त्यौहार  प्रकाश और रोशनी के त्योहार के रूप में मनाया जाता है  दोस्तों दिवाली का त्यौहार एक दिन का त्यौहार नहीं होता है दिवाली का त्यौहार पूरे 5 दिनों का होता है दोस्तों ऐसे तो दिवाली का त्यौहार दुर्गा पूजा खत्म होने के बाद से ही दीवाली के त्यौहार की तैयारियां स्टार्ट हो जाती है लोग अपने घर की रंगाई पुताई करने लगते हैं और अपने घरों में लाइटे वगैरा लगाने लगते हैं और अपने घरों को सजाने लगते हैं जिसस कि दिवाली के दिन उनका घर बहुत जगमगाए और दिवाली के दिन उनका घर सबसे अच्छा देखने में लगे।

आइए जानते है

दोस्तों  धनतेरस के दिन से ही दिवाली का त्यौहार स्टार्ट हो जाता है। 

1-:धनतेरस
2-:नरक चतुर्दशी
3-:शुक्ल प्रतिपदा
4-:अमावस्या
5-:भाई दूज

इस तरह से दिवाली का त्यौहार 5 दिनों का त्यौहार हो जाता हो जाता है और दिवाली का त्यौहार 5 दिनों तक मनाया जाता है

दोस्तों आइए अब जान लेते हैं दिवाली का त्यौहार क्यों मनाया जाता है?

1-:दोस्तों कहा जाता है कि जब भगवान राम  को 14 वर्ष का वनवास हुआ था और जब रावण ने सीता माता का अपहरण कर लिया था तो बहुत ही कठिनाइयों के बाद राम भगवान ने रावण का वध करके सीता माता को रावण के चंगुल से छुड़ा कर तथा लंका से वापस  जब 14 वर्ष वनवास को पूरा कर के अयोध्या लौटे थे तो अयोध्या के लोगों ने पूरे अयोध्या को रोशनी से जगमगा दिया था

यहीं से भारतवर्ष में दीवाली के त्यौहार मनाने की प्रथा शुरू हुई यह माना जाता है और लोग बुराई पर अच्छाई की जीत को हर साल दर्शाने के लिए इस त्योहार को मनाते हैंऔर दीप जलाकर बताते हैं कि किस तरह रावण का वध करके भगवान राम जब अयोध्या लौटे थे  तो कैसे अयोध्या जगमजगमगा रहा था और और इसलिए ही हम दीप जलाकर दिवाली का त्यौहार मनाते हैंं।

2-:पौराणिक् कथाओं के अनुसार जब भगवान विष्णु ने नरसिंह रूप धारण करके हिरण कश्यप का वध कर दिया था और  दैत्यराज की मृत्यु  हुई थी तो उस पर प्रजा ने घी के दीए जलाकर दिवाली मनाई थी इसलिए कहा जाता है कि दिवाली के अवसर पर दीप जलाने चाहिए और इसलिए भी दिवाली का त्यौहार मनाया जाता मनाया जाता है।

3-:दोस्तों और भी कथाएं है जैसे श्री कृष्ण ने ने जब नरकासुर का वध किया  श्री कृष्ण ने जब दिवाली के दिन पहले चतुर्दशी को नरकासुर का वध किया था तो उसी के खुशी में अगले दिन अमावस्या को गोकुल वासियों ने दीप जलाकर वहां पर खुशियां मनाई थी इसलिए भी दिवाली का त्यौहार मनाया जाता है।

4-:दोस्तों और भी कथाएं हैं जैसे महाकाली का सांत रूप  कहां जाता है राक्षसों को मारने के बाद जब माता काली का क्रोध कम नहीं हुआ था तब भगवान शंकर स्वयं उनकी चरणों में लेट गए थे भगवान शंकर के शरीर लगने से देवी माता महाकाली का क्रोध समाप्त हो गया था उसी की याद में भी उनके सांत रूप लक्ष्मी की पूजा करने की प्रथा शुरुआत हुई इसी रात उनके रूद्र रूप काली की भी पूजा की जाती है।

5-:दोस्तों और एक कथा मानी जाती है जो कि लक्ष्मी जी के एक प्रकट रूप की है जहां धन्वंतरी व कुबेर पौराणिक ग्रंथों के अनुसार जो दिवाली का दिन होता है उसी दिन ही माता लक्ष्मी दूध के सागर जिसे केसर सागर के नाम से भी जाना जाता है उत्पन्न हुई थी साथ ही समुद्र मंथन से आरोग्य देव और  धनवंतरी और भगवान कुबेर भी प्रकट हुए थे इसलिए भी दोस्तों इस दिन लक्ष्मी भगवान की पूजा की जाती है माना जाता है कि माता हमारे घर भी आती हैं और इसलिए ही दीपावली का त्यौहार बड़ी ही धूमधाम धूमधाम ही से मनाया जाता है।

इतनी सारी कथाएं शुभ दिन और इतनी बुराइयों पर विजय पाने के बाद जो खुशी होती है दिवाली का त्यौहार उसी का प्रतीक है। 

इसलिए दिवाली का त्यौहार हमारे हिंदू धर्म में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है लोग इसकी तैयारी बहुत दिनों पहले से तो करते ही हैं साथ ही  पूरे नगर को अपने घर को सभी जगह पर दिए तथा लाइटों से जगमगा जो दिए जाते हैं जो कि देखने में बहुत ही लुभावना लगता है और दिवाली के दिन नगर की खूबसूरती देखने में बनती है साथ ही पटाखे फोड़ कर  मिठाइयां बांटकर और अपनेेेेे सगे संबंधी बधाइयां देकर हम सभी बहुत ही हर्ष उल्लास से इस त्यौहार को मनाते हैं।

दोस्तों यह थी दीवाली पर्व की कुछ कथाएं कुछ पौराणिक कथाएं और मैंने पूरी कोशिश करी है कि आपको पता लगे कि क्यों दिवाली का त्यौहार हमारे भारत देश में मनाया जाता है

दोस्तों अगर आप टेक्नोलॉजी की दुनिया में जरा भी रुचि रखते हैं तो आप हमारे और भी पोस्ट देख सकते हैं।

दोस्तों आशा करूंगा आपको हमारा या पोस्ट पसंद आया होगा आपको पता लगा होगा कि क्यों दिवाली का त्यौहार मनाया जाता है आज के हमारे पोस्ट मे  बस इतना ही यहां तक हमारा पोस्ट पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत  धन्यवाद।

Pankaj mishra: